बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ बैनरों और नारों को लेकर तनाव भड़क उठा। थाना कोतवाली क्षेत्र के बिहारीपुर पुलिस चौकी के नजदीक मस्जिद के बाहर सैकड़ों नमाजियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर ‘आई लव मोहम्मद’ और ‘नारा-ए-तकदीर’ जैसे नारे लगाए और बैनर लहराए। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
यह विवाद कानपुर से शुरू हुआ, जहां जश्न-ए-ईद-मिलादुन्नबी जुलूस में ‘आई लव मोहम्मद’ बैनर लगाने पर 25 मुस्लिम युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बरेली की मशहूर दरगाह आला हजरत ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और जमात रजा-ए-मुस्तफा ने समर्थन में शहर भर में बैनर अभियान चलाया। जखीरा, आजमनगर, बिहारीपुर, कोहाड़ापीर, गुलाब नगर, शहामतगंज, किला, जोगी नवादा, हजियापुर, शाहदाना और सेटेलाइट सिटी जैसे इलाकों में पिछले हफ्ते से ये बैनर देखे गए। प्रदर्शनकारी इसे पैगंबर मोहम्मद के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रदर्शन बताते हैं, जो उनके अनुसार संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत है।
जुमे की नमाज के बाद बरेली के इस्लामिया ग्राउंड में मौलाना तौकीर रजा ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की थी। लेकिन नमाज के बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और ग्राउंड में जबरन घुसने की कोशिश की। नारे लगाते हुए भीड़ आगे बढ़ी, तो बरेली रेंज के डीआईजी अजय साहनी के नेतृत्व में पुलिस ने बल प्रयोग किया। लाठीचार्ज से भगदड़ मच गई और आंसू गैस के धुएं से इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। पुलिस ने बार-बार भीड़ से घर लौटने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।
डीआईजी अजय साहनी ने पत्रकारों से कहा, “आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।” उन्होंने बताया कि बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।